Edition

बिहार में मुफ्त बिजली योजना को लेकर बड़ा बयान, इनकम टैक्स देने वालों से CM की खास अपील

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
 बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक अहम अपील की है। उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम और इनकम टैक्स देने वाले उपभोक्ताओं से मुफ्त बिजली की सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस सुविधा का खर्च खुद उठा सकते हैं, वे सरकार की सब्सिडी छोड़कर राज्य के विकास में योगदान दे सकते हैं।

उनका कहना है कि इससे सरकार के खजाने पर पड़ने वाला बोझ कम होगा। बचने वाली राशि का इस्तेमाल बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है।
करीब 1.92 करोड़ उपभोक्ताओं को मिल रहा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, बिहार में करीब 1 करोड़ 92 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का फायदा मिल रहा है।

सरकार इस योजना पर हर साल लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने संपन्न उपभोक्ताओं से आगे बढ़कर अपनी सब्सिडी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, यह अपील पूरी तरह स्वैच्छिक है और उपभोक्ताओं पर इसे लेकर कोई अनिवार्यता नहीं है।

CM बोले- सक्षम लोग आगे आएं, शिक्षा को मिलेगा फायदा
सम्राट चौधरी ने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत परिवार यदि मुफ्त बिजली की सुविधा छोड़ देते हैं, तो सरकार की बचत बढ़ सकती है। इस बचत का इस्तेमाल राज्य के शिक्षा क्षेत्र में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि जिन लोगों को सरकारी सब्सिडी की वास्तविक जरूरत नहीं है, वे स्वेच्छा से इसे छोड़कर बिहार के विकास में योगदान दें। उन्होंने इसे सक्षम नागरिकों की सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर भी देखा।

यूपी से की बिहार की बिजली सब्सिडी की तुलना
मुख्यमंत्री ने अपनी बात समझाने के लिए उत्तर प्रदेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी बिहार से लगभग दोगुनी है, लेकिन वहां बिजली सब्सिडी पर करीब 6 हजार करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आती है।

इसके मुकाबले बिहार में इस मद में सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसी अंतर का हवाला देते हुए उन्होंने संपन्न उपभोक्ताओं से सब्सिडी छोड़ने की अपील की।

क्या 125 यूनिट मुफ्त बिजली बंद होगी?
मुख्यमंत्री की अपील के बाद यह सवाल भी उठ सकता है कि क्या बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना खत्म होने वाली है। फिलहाल ऐसा नहीं है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने योजना बंद करने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने सिर्फ आर्थिक रूप से सक्षम और आयकर देने वाले लोगों से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने की अपील की है। यानी जरूरतमंद उपभोक्ताओं को मिलने वाली मुफ्त बिजली योजना को लेकर इस बयान को बंदी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

बचत की रकम से शिक्षा व्यवस्था सुधारने की योजना
मुख्यमंत्री का तर्क है कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल उन क्षेत्रों में किया जाना चाहिए जहां उसका व्यापक लाभ मिले। यदि सक्षम लोग बिजली सब्सिडी छोड़ते हैं, तो सरकार के पास बचने वाली राशि को शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में लगाया जा सकता है।

बिहार में स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है। ऐसे में सरकार इस बचत को शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर देख रही है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!