Edition

बिहार विधानमंडल का 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र तय, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच फिर दिखेगी तीखी बहस

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस सत्र को बुलाने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया। विधानमंडल का पांच दिवसीय यह सत्र नई सरकार तथा विपक्षी दलों दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। सत्र के दौरान राज्य सरकार अपनी प्राथमिकताओं, विभिन्न विकास योजनाओं और प्रदेश से जुड़े प्रमुख विषयों को सदन के समक्ष रखकर उन पर चर्चा करेगी।

दोनों सदनों की कुल पांच बैठकें
यह शीतकालीन सत्र सोमवार से प्रारंभ होकर शुक्रवार तक चलेगा। इस पांच दिवसीय अवधि में बिहार विधानसभा तथा विधान परिषद दोनों सदनों की कुल पांच बैठकें होंगी। सत्र के दौरान राज्य सरकार अपने विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी, साथ ही नए विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के पश्चात सदन में नए चेहरे भी नजर आएंगे। इसके साथ ही, विपक्ष को भी जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने का अवसर मिलेगा।

सम्राट सरकार का दूसरा सत्र
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह दूसरा सत्र होगा। इससे पूर्व जुलाई में पांच दिवसीय मानसून सत्र आयोजित हुआ था। वह मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चला था। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने के बाद वह पहला सत्र था। उस मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मामलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे थे और विपक्षी दलों ने सरकार का जोरदार विरोध किया था।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!