रीवा में टाटा न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन जारी, प्रशासन के आश्वासन पर जल सत्याग्रह स्थगित…..

रीवा जिले के रोझौही और सरई कला में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन जारी है। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना का प्रस्ताव वापस लेने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
निर्माण कार्य रोकने के आश्वासन पर लिया फैसला…सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के अनुसार, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों तक परियोजना से संबंधित कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। इसके बाद जल सत्याग्रह को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण आगे की रणनीति तय करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती….26 अक्टूबर की रात रोझौही में तालाब के भीतर जल सत्याग्रह और आमरण अनशन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद नायब तहसीलदार सिरमौर बिंदु तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा और ग्रामीण बबली कोल, रावेंद्र कोल तथा संदीप कोल को एम्बुलेंस से रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उमंग सिंघार ने भी आंदोलन को दिया समर्थन….टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन भी जारी है। 25 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार रोझौही पहुंचे थे और उन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया था। उन्होंने परियोजना वापस लिए जाने तक कांग्रेस का धरना जारी रखने की बात कही थी। आंदोलन को बिरसा मुंडा विचार क्रांति मंच, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
परियोजना का प्रस्ताव वापस लेने की मांग…ग्रामीणों का कहना है कि जल सत्याग्रह पर अस्थायी विराम का मतलब आंदोलन समाप्त होना नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार परियोजना का प्रस्ताव वापस लेने की आधिकारिक घोषणा करे। जब तक इस संबंध में स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक बैठकें और विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
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