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तारिक रहमान सरकार में दुर्गा पूजा के लिए बढ़ीं सुविधाएं, पंडालों की संख्या में करीब 500 का इजाफा

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ढाका
बांग्लादेश में इस साल दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई गई। यह बात वहां रहे कुछ हिंदू ही बता रहे हैं। बांग्लादेश के एक नागरिक सोहाग कुमार मंडल ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपना अनुभव साझा किया है। इसके लिए उन्होंने बांग्लादेश के शासन और प्रशासन को धन्यवाद कहा है। उन्होंने लिखा, "हम ऐसा ही बांग्लादेश देखना चाहते हैं जहां हर नागरिक सम्मान, आादी और सुरक्षा के साथ अपनी आस्था मना सके। एक यादगार दुर्गा पूजा- धन्यवाद, बांग्लादेश!"

मीडिया  रिपोर्ट में सोहाग कुमार मंडल के हवाले से कहा कि बांग्लादेश में इस साल दुर्गा पूजा के दौरान हालात कुछ अलग थे। लगभग हर जगह काफी भीड़ थी और लोग खूब आनंद ले रहे थे। आपको बता दें कि भारत के पड़ोसी देश में हर साल दुर्गा पूजा के दौरान डर का माहौल रहता था।

बांग्लादेश में हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने भी इसकी पुष्टि की है। उनका मानना बै कि पिछले सालों के मुकाबले इस साल की दुर्गा पूजा बेहतर रही। उनके मुताबिक, इस साल दुर्गा पूजा की छुट्टियों की संख्या में बढ़ोतरी की गई, पूजा के लिए सरकार की तरफ से ज्यादा फंड दिया गया, सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई और प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पूरे बांग्लादेश में अलग-अलग पूजा पंडालों का दौरा किया।

मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में हिंसा
आपको बता दें कि 2024 और 2025 में दुर्गा पूजा मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में हुई थी। उस समय हिंसा की कम से कम 84 घटनाएं दर्ज की गई थीं। मूर्तियों को तोड़ा गया और उत्सव में बाधा डालने की कोशिशें की गईं। जब शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सत्ता में थी तब भी तोड़फोड़ और हमलों की घटनाएं अक्सर सामने आती थीं। तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सत्ता में आने के बाद यह पहली दुर्गा पूजा थी। ऐसे में बहुत कुछ दांव पर लगा था और सरकार को भी खुद को साबित करना था।

हिंदुओं को खुश करने की कोशिश में तारिक रहमान
सरकार ने सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू की और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इस साल देश में दुर्गा पूजा के पंडालों की संख्या में लगभग 500 की बढ़ोतरी हुई थी। माना जाता है कि बांग्लादेशी हिंदू मुख्य रूप से अवामी लीग के वोटर हैं। जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध-प्रदर्शनों के बाद पार्टी प्रमुख शेख हसीना को देश छोड़कर जाना पड़ा और अवामी लीग को चुनावों से बाहर कर दिया गया। ऐसे में इन वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने का मौका है।
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा मनाते हिंदू भक्त।

हिंदुओं ने दिया था तारिक रहमान को समर्थन
जनवरी के चुनावों में कई अल्पसंख्यक संगठनों ने BNP का समर्थन किया था और तारिक रहमान के लिए हिंदुओं के प्रति अपना समर्थन दिखाने का यह एक अच्छा समय था। दिलचस्प बात यह है कि शेख हसीना भी भारत से बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। वह दिसंबर में अपने देश जा सकती हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति
दुर्गा पूजा बंगाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। यह पश्चिम बंगाल का राजकीय त्योहार है। बांग्लादेश में भी यह सबसे भव्य त्योहारों में से एक है। बांग्लादेश की लगभग 91% आबादी मुस्लिम है, लेकिन फिर भी यहां एक बड़ा हिंदू समुदाय रहता है। हालांकि कुल आबादी में उनका हिस्सा लगातार घट रहा है। 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 7.95% है। 1951 में बांग्लादेश की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 22% थी, जो 1974 में घटकर 13.5% रह गई थी। आज यह 8% से भी कम है।

Aditya
Author: Aditya

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