Edition

बस्तर दशहरा का समापन: कुटुंब जात्रा में शामिल हुए हजारों देवी-देवता

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जगदलपुर.

बस्तर दशहरा में शामिल एक हजार से अधिक देवी-देवताओं के समागम के बाद अब विदाई की बेला भी पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूरी हुई. जगदलपुर के महात्मा गांधी स्कूल परिसर में आयोजित कुटुंब जात्रा में बस्तर संभाग के 84 परगना के साथ ओडिशा, तेलंगाना और धमतरी से देवी-देवता पहुंचे.

मां दंतेश्वरी के छत्र के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव की मौजूदगी में दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी प्रेम पाढ़ी ने पूजा-विधान संपन्न कराया. इस दौरान परंपरा के अनुसार सात मांगुर मछलियां अर्पित की गईं और एक बकरे की बलि दी गई. मनौती पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने बकरा, मुर्गा, बतख और कबूतर अर्पित कर देवी-देवताओं के प्रति आभार जताया. वहीं, बड़ी संख्या में भक्तों ने बस्तर की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं.

कुटुंब जात्रा में शामिल होने वाले देवी-देवताओं को एक ही स्थान पर एकत्रित करने की परंपरा बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है. राजपरिवार के सदस्यों ने दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए देवी-देवताओं का आभार व्यक्त किया. पूजा-विधान पूरा होने के बाद ग्राम देवी-देवताओं को ससम्मान विदाई दी गई और इसके साथ ही दशहरा की इस महत्वपूर्ण रस्म का समापन हुआ.

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!