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बिहार के सिमुलतला विद्यालय ने बनाई राष्ट्रीय पहचान, रैंकिंग में दूसरे स्थान

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 पटना
 बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। C-Fore School Ranking 2026 में विद्यालय को देशभर में दूसरा स्थान मिलने का दावा किया गया है। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने इसे पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बताया और विद्यालय की स्थापना के पीछे की कहानी साझा की।

नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर बना सिमुलतला आवासीय विद्यालय
संजय झा ने कहा कि एक समय नेतरहाट विद्यालय संयुक्त बिहार की शैक्षणिक पहचान हुआ करता था। वर्ष 1954 में स्थापित इस विद्यालय में पढ़ना मेधावी विद्यार्थियों का सपना माना जाता था।

वर्ष 2000 में बिहार के विभाजन के बाद नेतरहाट विद्यालय झारखंड में चला गया। इसके बाद बिहार में भी उसी तरह का उत्कृष्ट आवासीय विद्यालय स्थापित करने की जरूरत महसूस की गई।

2010 में हुआ था विद्यालय का उद्घाटन
संजय झा के मुताबिक, वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कई पहल शुरू की गईं। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के साथ शिक्षकों की बहाली पर भी जोर दिया गया।

इसी दौरान नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर जमुई जिले के सिमुलतला में आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। संजय झा ने बताया कि 9 अगस्त 2010 को इस विद्यालय का उद्घाटन हुआ था।

डेढ़ दशक में राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
सिमुलतला आवासीय विद्यालय की स्थापना के करीब डेढ़ दशक बाद इसे C-Fore School Ranking 2026 में देशभर में दूसरा स्थान मिलने की बात सामने आई है। इस उपलब्धि को बिहार में सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता और मेधावी विद्यार्थियों की क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।

संजय झा ने इस सफलता के लिए विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और बिहार के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का विषय है।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास जारी रखने की बात
संजय झा ने कहा कि बिहार में शिक्षा और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए पिछले दो दशकों में प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की उपलब्धि से राज्य में सरकारी स्कूलों की भूमिका और शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, रैंकिंग जारी करने वाली संस्था, श्रेणी और मूल्यांकन के मानकों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इस उपलब्धि का पूरा संदर्भ स्पष्ट होगा।

Aditya
Author: Aditya

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