पांढुर्णा, मध्य प्रदेश। पिता सरकारी सेवा में ड्राइवर और बेटी के कंधों पर अब जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी। IPS अधिकारी विदिता डागर की सफलता का सफर मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रेरक कहानी है।
IPS बनने के बाद अब उन्होंने पांढुर्णा जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2026 को जारी पदस्थापना आदेश के अनुसार, विदिता डागर को पांढुर्णा का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया। इससे पहले वह ग्वालियर में दूसरी वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल में सेनानी के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने 10 अक्टूबर को पांढुर्णा में पदभार ग्रहण किया।
तीसरे प्रयास में हासिल किया IPS बनने का लक्ष्य…. विदिता डागर ने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्र से आती हैं और उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग भी ली थी। IPS बनने से पहले वह केंद्रीय सेवा की IPTAFS में कार्यरत थीं। उन्होंने अपने लक्ष्य के लिए प्रयास जारी रखे और तीसरे प्रयास में IPS बनने में सफलता हासिल की।
पिता ड्राइवर, बेटी के कंधों पर जिले की जिम्मेदारी… विदिता डागर के पिता दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) में सरकारी सेवा के तहत ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर IPS अधिकारी बनने और फिर जिले की पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
IPS बनना विदिता डागर की एक बड़ी उपलब्धि थी, जबकि जिले की पुलिस की कमान संभालना उनके करियर का नया पड़ाव है। पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के संचालन से जुड़ी है।
एक पिता की मेहनत, बेटी का सपना और तीसरे प्रयास में मिली सफलता, विदिता डागर की कहानी बताती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और लगातार प्रयास जीवन में नई मंजिलों तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं……