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कठवरिया के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पेयजल संकट, महीनों से खराब पड़ा हैंडपंप-बोरवेल, श्रद्धालु परेशान…….

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रैगांव। रैगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कठवरिया स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। मंदिर परिसर में स्थापित हैंडपंप एवं बोरवेल लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर में प्रतिदिन आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं समय-समय पर भंडारा, कीर्तन, मानस पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। ऐसे में पानी की व्यवस्था का एकमात्र सहारा यह हैंडपंप-बोरवेल था, जो अब पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत मदनी के सरपंच द्वारा कई बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं, समस्या की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई गई, फिर भी सुधार कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को भी कई बार स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तब एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर महीनों से बंद पड़े हैंडपंप की अनदेखी कई सवाल खड़े कर रही है।

ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि हनुमान मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। क्षेत्र की विधायक एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त जनप्रतिनिधि सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का भी मंदिर आना लगा रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर में पेयजल संकट और खराब पड़े हैंडपंप-बोरवेल की समस्या से उन्हें कई बार अवगत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी स्तर पर समस्या रखी गई, फिर भी किसी ने इसे गंभीरता से लेने का प्रयास नहीं किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि जब क्षेत्र के इतने बड़े धार्मिक स्थल की यह स्थिति है तो आम गांवों की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पुनः मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पीएचई विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मंदिर परिसर में खराब पड़े हैंडपंप-बोरवेल की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके और धार्मिक आयोजनों में पेयजल संकट समाप्त हो सके।

 

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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