नगर निगम और महापौर के खिलाफ लगे नारे….
सतना। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सतना शहर की बदहाल सड़कों को लेकर जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। खुदी हुई सड़कों, धूल, कीचड़ और अव्यवस्थित यातायात से परेशान व्यापारी संघ ने हनुमान चौक में धरना-प्रदर्शन कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने रोड नहीं तो वोट नहीं, महापौर मुर्दाबाद और नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से शहर की प्रमुख सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे व्यापार चौपट हो रहा है और आम नागरिकों का आवागमन दूभर हो गया है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। कई बार आंदोलन और शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में विकास कार्यों की कोई समन्वित योजना दिखाई नहीं देती। पहले सड़क बनाई जाती है, फिर सीवर लाइन के लिए खोद दी जाती है, उसके बाद गैस पाइपलाइन या अन्य कार्यों के नाम पर दोबारा खुदाई शुरू हो जाती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नागरिक सुविधाएं धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि यही स्मार्ट सिटी का मॉडल है तो शहर की जनता विकास नहीं, बल्कि अव्यवस्था का दंश झेल रही है। अब सवाल यह है कि आखिर सतना की सड़कों की यह दुर्दशा कब खत्म होगी और जिम्मेदार अधिकारी जनता को राहत देने के लिए कब जागेंगे।









