रिश्तों पर उठे सवाल: मौसा-मौसी एवं भाई पर धोखाधड़ी के आरोप!
शैलेन्द्र त्रिपाठी ने, विष्णु दत्त तिवारी, ममता तिवारी और अखिल तिवारी पर लगाया लाखों की ठगी व धमकी का आरोप!

पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग।
सतना निवासी शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने अपने करीबी रिश्तेदारों, विष्णु दत्त तिवारी, ममता तिवारी, अखिल तिवारी उर्फ मोनू तथा धवारी निवासी एक टैक्स कंसल्टेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर उचित जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में रिश्तों की आड़ में आर्थिक धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी दिए जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता शैलेन्द्र त्रिपाठी के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें पारिवारिक भरोसे में लेकर नया व्यवसाय शुरू कराने का आश्वासन दिया था। कहा गया कि उनके परिवार के नाम से व्यापार शुरू कराया जाएगा, बैंक से लोन दिलाया जाएगा तथा कच्चा माल उपलब्ध कराकर व्यवसाय खड़ा किया जाएगा। करीबी रिश्ते होने के कारण उन्होंने बिना किसी संदेह के आरोपियों की बातों पर विश्वास कर लिया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों के कहने पर बैंक संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद इंडियन ओवरसीज बैंक से लगभग 10 लाख रुपये का बिजनेस लोन स्वीकृत हुआ। आरोप है कि लोन की पूरी राशि व्यापार शुरू कराने के नाम पर ममता ट्रेडर्स और अश्मि ट्रेडर्स नामक फर्मों में ट्रांसफर करा ली गई, लेकिन न तो कोई व्यवसाय शुरू हुआ और न ही कोई सामग्री उपलब्ध कराई गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उक्त राशि का उपयोग कथित रूप से पुराने घाटे और कर्ज चुकाने में किया गया। जब उन्होंने बार-बार व्यवसाय शुरू कराने और बैंक की किस्तों को लेकर बातचीत की, तो शुरुआत में आश्वासन दिए गए, लेकिन धीरे-धीरे संपर्क कम कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अब बैंक की किश्तों और बढ़ते कर्ज का पूरा बोझ उनके परिवार पर आ गया है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब उन्होंने अपने पैसे और बैंक भुगतान को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया, तब कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। पीड़ित का कहना है कि पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
शैलेन्द्र त्रिपाठी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस द्वारा आवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









