पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि पटना स्थिति एएन कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने अनुग्रह बाबू की जयंती सह कॉलेज के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में घोषणा की। इसके साथ शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि पटना साइंस कॉलेज समेत 10 प्रमुख कॉलेजों में इवनिंग पढ़ाई शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने पटना साइंस कॉलेज सहित राज्य के 10 प्रमुख महाविद्यालयों में इवनिंग कक्षाओं के संचालन का प्रस्ताव राज्यपाल सचिवालय को भेजा है। इसमें छह कॉलेज पटना व अन्य चार कॉलेज अलग-अलग जिलों में स्थित है।
विभाग की ओर से कहा कि इससे बड़ी संख्या में छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिल सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के कुछ प्रमुख महाविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा के कारण छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। ऐसे में इन संस्थानों की उपलब्ध संसाधनों और अधोसंरचना का बेहतर उपयोग करते हुए इवनिंग कॉलेज शुरू किया जाना उपयोगी होगा।
इन कॉलेजों में होगी पढ़ाई
पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस, जेडी वीमेंस कॉलेज, एमएस कॉलेज मोतिहारी, एलएस कॉलेज मुजफ्फरपुर, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा में इवनिंग क्लासेज की व्यवस्था जल्द शुरू होगी। यह व्यवस्था शुरू होने से कामकाजी लोगों को पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग हो सकेगा। बिहार में पूर्व में भी इवनिंग पढ़ाई की व्यवस्था चल रही थी। संध्या क्लास में रोजगार परक पढ़ाई को भी शामिल किया जाएगा। महिलाओं को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा।
10 दिनों में एएन कॉलेज कैंपस से हटेगा थाना
इधर, एएन कॉलेज स्थिति पुलिस थाना को जल्द शिफ्ट किया जाएगा। इलाके में सुरक्षा प्रबंधों के नजरिए से इस थाना को स्थापित किया गया था। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि दस दिनों में थाने को नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ होती है। आम लोगों को चाहिए कि अपनी कमाई का कुछ हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाना चाहिए। सीएम ने कॉलेज की पत्रिका अनुग्रह ज्योति का लोकार्पण भी किया। उन्होने कहा कि सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने की दिशा में काम कर रही है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती, संसानों का विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित किया जाएगा।









