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भोपाल में कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा महिला मोर्चा, प्रदर्शन के मुद्दे पर कार्यकर्ताओं के अलग-अलग जवाब…..

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JNU की छात्राओं से जुड़े यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब, राहुल गांधी का पुतला दहन; सांसद के मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग……..

भोपाल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्राओं से जुड़े कथित यौन दुर्व्यवहार के मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने रेडक्रॉस अस्पताल से रैली निकाली और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय की ओर बढ़ीं। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी का पुतला दहन कर कांग्रेस नेतृत्व से मामले में जवाब मांगा गया।

महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व को घेरा….. भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े आरोपों और विश्वविद्यालय की जांच एवं कार्रवाई का हवाला देते हुए राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से सवाल किए। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि महिला सम्मान केवल नारों और भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गंभीर आरोपों के मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि सांसद से जुड़े मामले में पार्टी ने क्या कदम उठाए हैं और महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यवहार में कैसे प्रदर्शित किया है। महिला मोर्चा ने कहा कि प्रत्येक महिला को शिकायत दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने का अधिकार है।

प्रदर्शन के उद्देश्य पर कार्यकर्ताओं के अलग-अलग जवाब…... प्रदर्शन के दौरान एक दूसरा पहलू भी सामने आया। एक न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर मौजूद महिला कार्यकर्ताओं से जब प्रदर्शन के उद्देश्य और विरोध के केंद्र के बारे में सवाल किया गया, तो उनके जवाब अलग-अलग थे। किसी कार्यकर्ता ने प्रदर्शन को कांग्रेस सांसद के विरोध से जोड़ा, तो किसी ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध बताया। वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता ने प्रियंका गांधी का नाम लिया।

एक ही प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के अलग-अलग जवाबों से यह सवाल उठा कि क्या सभी प्रदर्शनकारियों को आंदोलन के मुख्य मुद्दे और उसके केंद्र में शामिल नेताओं के बारे में स्पष्ट जानकारी थी? हालांकि, इन जवाबों के आधार पर सभी कार्यकर्ताओं की जानकारी या प्रदर्शन की समग्र तैयारी के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

JNU के मामले को लेकर राजनीतिक टकराव…. प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में JNU के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़ा मामला है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर 2026 को उनके प्रोफेसर पद से बर्खास्तगी का आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। मामला महिला विद्यार्थियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित बताया गया है।

भाजपा महिला मोर्चा ने इसी प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, आरोपों, जांच और संबंधित कार्रवाई के तथ्यों को आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर देखना आवश्यक है। आरोपों के संबंध में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम प्रक्रिया के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

राजनीतिक प्रदर्शन के साथ उठे जवाबदेही के सवाल…… भोपाल में हुए इस प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा ने महिला सुरक्षा और सम्मान को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। लेकिन मौके पर कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध के केंद्र को लेकर दिए गए अलग-अलग जवाबों ने प्रदर्शन की तैयारी और मुद्दे की स्पष्टता पर भी सवाल खड़े किए। अब इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और महिला सुरक्षा से जुड़े सवाल चर्चा में हैं।

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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